शुक्रवार, १७ जुलै, २०२०

Artificial Intellignce



टीचर ने सबसे बोला , एक कविता लिखकर लाओ |
और कल आके , सबलोग मुझे दिखाओ | 

तभी बजी घंटी , सब चले गए घर |
मैं तो बड़ी खुश थी पाके यह अवसर |
पहुंची दूसरे दिन स्कूल में , उछल कूद मचाती |
मेरी प्यारी कविता, किसीको न दिखाती  |

जब पढ़ी टीचर ने कविता, वो बहुत खुश हुई | 
तारीफ़ की बहुत मेरी, पीठ थपथपायी | 

यकींन न हुआ उनको, ये लिखी कविता मैंने | 
क्लास को सुनाने के लिये, जोरोंसे  लगी पढ़ने | 

सुनके तारीफ़ सारी, मैं उड़ने लगी आसमान मैं | 
है क्या कोई लकी मेरे जैसा, पूरे  इस जहां मैं | 

अच्छा हुआ है पास मेरे, रोबोट बोबो नाम का | 
कुछ भी कर सकता है वह, है बड़ेही काम का | 

लिखी कविता उसने, श्रेय मुझे  दिलाया  | 
एक मशीन मैं मैंने, अच्छा दोस्त है पाया | 







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